नारिकेलम् अर्थात् नारियल का नाम तो सभी ने सुना ही होगा। संस्कृत में नारियल को नारिकेलम् कहते हैं। हिन्दू धर्म में नारियल को पवित्र माना जाता है और पूजा में भी प्रयोग किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि आज 2 सितंबर को ‘विश्व नारियल दिवस’ है। इसे मनाने की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी। प्रत्येक वर्ष इसकी एक थीम भी रखी जाती है। इस वर्ष की थीम है- ‘दुनिया को बचाने के लिए नारियल में निवेश।‘ 2 सितंबर को ‘विश्व नारियल दिवस’ मनाने का उद्देश्य है- नारियल के महत्त्व को समझना और समझाना, इसके अधिकाधिक उपयोग को बढ़ावा देना और इस खेती और इससे जुड़े व्यवसाय के बारे में लोगों को जानकारी देना। आज के दिन नारियल से बनी भिन्न-भिन्न चीजों की प्रदर्शनियाँ लगाई जाती है।
नारियल हमारे लिए बहुत उपयोगी है। इसका प्रत्येक भाग मनुष्य के प्रयोग
में आता है और लाभदायक होता है। प्लास्टिक की थैली के विकल्प में हम नारियल की जटा
से बने थैले प्रयोग कर पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं और प्लास्टिक
बंद होने पर बेरोजगार होने वाले मजदूरों का काम भी दे सकते हैं। नारियल की कृषि
भारत के दक्षिणी राज्य केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु
और आंध्र प्रदेश में बहुतायत रूप से की जाती है। इससे लगभग 1 करोड़ लोगों को रोजगार
मिलता है और भारत का 90% नारियल भी यहीं से मिलता है। नारियल की खेती समुद्री किनारे की नमकीन मिट्टी में की जाती है।
नारियल का पानी पीना सभी को बहुत पसंद होता है। यह हमारे स्वास्थ्य
और त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है। नारियल के पकने पर इसका सफ़ेद भाग भी खाने के
काम आता है, और इसके सूखे एवं गीले सफ़ेद भाग से कई स्वादिष्ट व्यंजन
एवं चॉकलेट भी बनाई जाती है। इसके खोल और रेशों से थैले,
गद्दे, रस्सी, पायदान, चटाई आदि के अलावा कई प्रकार के सजावटी सामान भी बनाए
जाते हैं। इसके छिलकों का चूरा (कोकोपीट) पौधों के लिए बहुत अच्छी खाद का काम भी करता
है। नारियल पूजा में भगवान को भी चढ़ाया जाता है। इससे पूजा सामग्री,
सुगंधित धूप, हवन सामग्री आदि भी बनाई जाती है। नारियल तेल के गुण
और महत्त्व से कोई भी अनजान नहीं होगा। दक्षिण में नारियल तेल खाद्य तेल के रूप में
भी प्रयोग किया जाता है और बाकी समस्त भारत में बालों के लिए तो इसका प्रयोग हर घर
में होता ही है। नारियल के दूध और गिरि से भी दक्षिण भारत में कई तरह के स्वादिष्ट
पकवान बनाए जाते हैं।
नारियल से बनी चीजों का उपयोग केवल भारत में ही नहीं किया जाता है
बल्कि विदेशों में भी इनका निर्यात किया जाता है। नारियल की बनी चीजों के निर्यात
से भारत को लगभग 470 करोड़ रूपए की आय होती है। नारियल का वैज्ञानिक नाम है-‘कोकस न्यूसीफेरा।‘ यह पाम ट्री परिवार से संबन्धित पेड़ है। भारत
के अलावा कई अन्य देशों में भी नारियल की खेती की जाती है। ये देश हैं- फ़िजी,
इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, ब्राज़ील, श्रीलंका, सोलोमन आइलैंड, थाईलैंड,
टोंगा, वियतनाम, जमैका, केनिया, पपुआ न्यू गिनिया, मार्शल आइलैंड,
किरिबाटी, फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माईक्रोनेशिया आदि। इनमें भी सर्वाधिक
खेती जहाँ होती है वे देश भारत, श्रीलंका, ब्राज़ील, फिलीपींस और इंडोनेशिया हैं।
नारियल स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभप्रद है। आइए नारियल के कुछ फ़ायदों
के बारे में जानते हैं-
1. त्वचा को चमकदार और स्वस्थ रखता है।
2. मोटापे को कम करने में लाभदायक है।
3. शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करता है।
4. उच्च रक्तचाप में लाभदायक है।
5. कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से बचाता है।
6. बढ़ती चर्बी और कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
7. शरीर में पानी की कमी को दूर करता है।
8. आयरन की मात्र होने के कारण रेड ब्लड सेल्स की भी रक्षा
करता है।
9. इसमें पाए जाने वाले मैंगजीन, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स हड्डियों के लिए लाभदायक हैं।
10. नारियल पानी लू और गर्मी से भी बचाता है।
दोस्तों
! आज के बाद जब भी नारियल या नारियल से बनी कोई चीज खाएँ या प्रयोग करें तो गुणकारी
नारियल के महत्त्व को कम नहीं आंकना !
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| गुणों की खान- नारियल |


Nariyal kay vishay may mulywan jankari daynay kay liye dhanywad.
जवाब देंहटाएं🙏🙏
हटाएंअति आवश्यक धार्मिक एवं स्वदेशी आंदोलन से जुड़े विषय को दर्शाता आलेख
जवाब देंहटाएंDhanyawad 🙏
हटाएंVery interesting facts..... something unique
जवाब देंहटाएंThanks
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