आज से हिंदी पञ्चाङ्गानुसार श्रावण मास का प्रारम्भ हो गया है। श्रावण मास में शिवजी की पूजा की जाती है। श्रावण मास के सोमवार का तो अत्यधिक महत्व है। इस बार श्रावण मास में एक विशेष बात यह भी है कि यह सोमवार से प्रारम्भ है और इसके अंतिम दिन अर्थात् श्रावण-पूर्णिमा को भी सोमवार है, इस दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी है। इस तरह सावन में शिव-भक्तों को इस बार 5 सोमवार करने को मिलेंगे। सावन का महीना शिवजी का सबसे प्रिय महीना है। इसी समय वर्षा-ऋतु भी होती है। सावन में शिवजी के साथ शक्ति पूजा का भी अत्यधिक महत्व है। कहा भी गया है-
'शिवेन सह पूज्यते शक्तिः सर्वकाम फलप्रदा'
अर्थात् शिव के साथ शक्ति की पूजा करने से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। शिव-शक्ति की एक साथ पूजा नर-नारी की समानता का भी प्रतीक है। शिव-शक्ति की पूजा मनुष्य को यह सिखाती है कि जिस तरह शक्ति के बिना शिव अपूर्ण है उसी प्रकार नारी के बिना नर भी अधूरा है। अतः दोनों को एक-दूजे का सम्मान करते हुए एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।
आज श्रावण के प्रथम सोमवार को मैं यह भजन शिवजी को श्रद्धा-भक्ति पूर्वक अर्पित करती हूँ-
बम-बम भोले, बम-बम भोले
भक्त सारे शिव के बोले
बम-बम भोले........
मैं तो शिव की हूँ पुजारन, वो है मेरा शंकर प्यारा।
शरण सभी उसकी आ जाओ, वो है सबका तारणहारा।
उसकी शक्ति के आगे तो, तीनों लोक डगमग डोले।
बम-बम भोले...............(1)
गणपत के हैं प्रिय पिताश्री, नंदी की करते असवारी।
बसते हैं कैलाश पर, वामांगी है गौरा प्यारी।
भस्म रमा कर बैठ गए हैं, माँग रहे हैं भंग के गोले।
बम-बम भोले...............(2)
जटाजूट में गंग विराजे, मस्तक पर चंदा भी साजे।
गल सर्पों की माला डाले, हाथों में डमरू है बाजे।
भोले-भाले शंकर मेरे, मुस्काते हैं हौले-हौले।
बम-बम भोले...............(3)
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| ॐ नमः शिवाय |
सीमा शर्मा


ओम नमः शिवाय
जवाब देंहटाएं🙏🙏
हटाएंओम नमः शिवाय 🙏🙏
जवाब देंहटाएं🙏🙏😊
हटाएंबहुत अच्छा लिखा है आपने और भजन तो बहुत ही सुन्दर। व्कात
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
हटाएंशिव-शक्तिमयी सुन्दर भाव एवं भजन रचना ।
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
हटाएंहर हर महादेव
जवाब देंहटाएंजय शिव शंकर
आधायतमिक post
Om namah Shivay 🙏
हटाएंॐ नमः शिवाय ��
जवाब देंहटाएंOm namah Shivay
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