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गुरुवार, 30 जुलाई 2020

राखी का बंधन

                         राखी का बंधन, निभाएँ भाई और बहन।

                         धागे का एक सूत्र, रिश्ता जोड़े गहन।

       दोस्तों! श्रावण मास की पूर्णिमा, 3 अगस्त, 2020 को बहन-भाई का प्रिय त्योहार रक्षा-बंधन आने वाला है। इस दिन के लिए सभी भाई-बहनों में उत्साह रहता है, परंतु इस बार इस त्योहार को हमें थोड़े से परिवर्तन के साथ अलग ढंग से मानना होगा। जैसा कि आप सब जानते हैं, आज भारत के साथ-साथ पूरा विश्व कोरोना नामक महामारी से जूझ रहा है। इस बीमारी कि अभी कोई औषधि भी नहीं आई है, इसलिए सुरक्षा ही बचाव है। इस बीमारी में सामाजिक दूरी बनाकर ही हमें स्वयं को व सबको बचाते हुए ही आगे बढ़ना है।

       इस बार जो बहन-भाई दूर हैं, वो राखी पर एक-दूसरे के पास आ-जा नहीं सकते हैं। बहनें भी बाजार बंद होने के व कोरोना से बचाव के कारण राखी नहीं खरीद पाई हैं। कुछ बहनें अगर खरीद भी पाई हैं तो, उनको पार्सल करके भाई तक पहुँचने तक कि प्रक्रिया में बहन को कई जगह जाना पड़ेगा और पार्सल को भी कई हाथों से गुजरना पड़ेगा। यह लंबी प्रक्रिया कोरोना को भी निमंत्रण दे सकती है। इन सारी स्थितियों को देखते हुए क्यों ना जो बहनें दूर हैं, वहीं से भाई को फोन पर संदेश या बात करके कलावा या मोली ही बांधने को कहें।

       जो बहन-भाई पास हैं या साथ ही रहते हैं, वो बहनें घरेलू सामान से अपने हाथों से भाइयों के लिए राखी बनाएँ। इससे आपको भी अधिक खुशी मिलेगी और भाई के भी वो राखी और आपकी भावनाएं ज्यादा दिल के करीब होंगी। वैसे तो आजकल सभी स्कूलों में आर्ट एंड क्राफ्ट में राखी मेकिंग सिखाते हैं, फिर भी यदि कुछ बहनों को किसी प्रकार की परेशानी हो तो घर की बड़ी-बूढ़ी औरतों से और यू-ट्यूब व गूगल से भी राखी बनाना सीख सकती हैं। घर पर हम रंग-बिरंगी डोरी, छोटी-छोटी कपड़े की कतरनें, साटिन रिबन, बटन, घुँघरू, मोती, सितारे, रंग-बिरंगे चमकीले छोटे पत्थर या डायमंड, पेपर क्विलिंग आदि से बहुत सुंदर और टिकाऊ राखी बना सकते हैं।

       मुझे याद है, बचपन में घर पर माँ, दादी, मासी, बुआ जी आदि राखी से कुछ दिन पहले से ही दोपहर के खाली समय में राखी बनाती थी। राखी वाले दिन वो ही राखी मामाजी और उनके परिवार को बांधी जाती थी। तभी उनके साथ बैठ कर मैं और बड़ी बहन भी राखी बनाना सीख गयी थी। अपने हाथों से बनी राखी देखकर बहुत खुशी होती थी और यह खुशी तब दुगुनी हो जातिथि जब भाई से पूछ कर उसकी पसंद के रंग और डिजाइन की राखी बनाते थे। भाई भी उस राखी को बांध कर फूला नहीं समाता था।

       आज जैसा कि आप सब जानते हैं, चीन ने हमारे हर त्योहारी बाजार पर कब्जा कर रखा है। हमारे किसी भी त्योहार में बाजार में चीनी उत्पादों कि भीड़ लगी रहती है। यह समय जब चीन भारत कि सीमा पर हमारे जवानों को आंखे दिखा रहा है तो हमारी तरफ से भी चीन को करारा जवाब देने का है। इसके लिए हमें सीमा पर जाकर बंदूक उठाने की आवश्यकता नहीं है, बस हमें अपने घर पर ही रहना है। बाहर बाजार में जाकर ना ही तो चीनी उत्पाद राखी खरीदनी है, और ना ही चीनी वायरस को घर पर निमंत्रण देना है। हमें अपनी देशभक्ति दिखने का इससे आसान तरीका और क्या मिलेगा!

       आइए! सभी भाई-बहन आज ये प्रतिज्ञा करें कि इस बार अपने घर पर ही कलावा या हाथ कि बनी राखी ही बांधेंगे, और इस तरह हम घर बैठे-बैठे ही कोरोना और चीन को मुंह-तोड़ जवाब देंगे।

सीमा शर्मा 


बहन-भाई के प्यार का रक्षा सूत्र
 


12 टिप्‍पणियां:

  1. भाई बहिन के स्नेहासिक्त इस अनुपम पर्व पर राष्ट्र प्रेम एवं स्वदेशी का सम्पुट इस आलेख को दिव्य भव्य अनुकरणीय एवं प्रेरणादाई भी बना रहा है जिसके लिए बार बार वंदना है।

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  2. हमारे यहाँ मारवाड़ क्षेत्र में राखी के चार पांच दिन पहले ही गाँव में ब्राह्मण देव होते है वो ब्राहम्ण देव हाथ की बनी राखी बाँटने आते थे । हर घर में 10-11 राखी देते थे ।जो कच्चे सूत व रूई के फाहे को रंग कर बनाई जाती थी । फिर राखी वाले दिन सर्वप्रथम वो राखी पहले भगवान को फिर घर के बाहर दरवाजे में बांधी जाती है । फिर घर के सारे सदस्यों को ।
    आपका ब्लॉग लाजवाब है ।
    राष्ट्र प्रेम व सस्कृति दोनों से जोड़ता है ।
    बहुत बधाई व शुभकामनाएं ।👍👍👌👌

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    1. राजस्थान की अनूठी परंपराएं ही तो उसे रंगीलो राजस्थान बनाती हैं। राजस्थान की धोरां वाली धरती को बार बार वंदन 🙏

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  3. स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग ओर विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार मात्र से एकसाथ बहुत से सार्थक लक्ष्य साधे जा सकते हैं।
    अपने त्योहारों के प्रति आस्था, हस्त निर्मित वस्तुओं के प्रति लगाव भी बहुत होता है इसलिए रिश्तों के प्रति समर्पण, देश हित,देश के छोटे बड़े सभी उद्योगों व अर्थव्यवस्था को बढ़ावा,देश के आम नागरिक के रोजगार, हमारे सचे देश भक्त सैनिकों के के प्रति जिम्मेदारी ओर दुश्मन देशों को समुचित जवाब ।

    राखी, होली हो,ओ या हो दीवाली
    उपयोगी है बहन ओर घरवाली

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    1. बहुत ही अच्छी बात कही है आपने साथ ही नारी के सम्मान की बात भी करके नारी के लिए अपनी भावनाएं भी प्रकट की है जो उत्तम हैं।🙏

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  4. Ati uttam post.... Is saal rakshabandhan pr travel Krna hanikarak h bcz isse hm apne pravirjano k liye khatra bhi bn skte h.....STAY HOME �� STAY SAFE

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  5. Ati uttam post......Is sankat se pura vishva prabhavit h...aise m zyada travelling krna safe nhi h.....Sabhi k parivarjn or svayam bhagwan bhi apne priyejno ko pareshan nhi dekh skte....isliye is Rakshabandhan ghar pr hi rhne m hi samajhdari or sab ki bhalai h

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