मैनें अधिकाँश भारतीय पुरुषों को अपनी पत्नियों को ये ज़ुमला कहते हुए बहुत बार सुना है कि 'तुम दिन भर घर पर करती क्या हो?'
मेरी इस बात से महिलाएँ ही नहीं अत्यधिक पुरुष भी इत्तेफ़ाक़ रखते होंगे । भले ही इन इत्तेफ़ाक़ रखने वाले महानुभावों ने भी जीवन में कभी न कभी अपनी श्रीमती जी के लिए इस डायलॉग का उपयोग ज़रूर किया होगा ।
क्या कभी किसी पुरुष ने गंभीरता से इस पर विचार किया है कि उनकी पत्नी वास्तव में दिन भर घर पर करती क्या है?
यदि नहीं तो कोई बात नहीं हम आपकी सहायता कर देते हैं -
* सुबह आपकी आँखें खुलने से पहले ही मुस्कराते हुए आपके सामने अदरक-तुलसी वाली गरमा-गरम बेड-टी तैयार करने वाली कौन है?
* आप जब बाहर मॉर्निंग-वॉक करके आकर देश-दुनिया की ख़बरें न्यूज़ पेपर के माध्यम से जान रहे होते हैं, तब जो आपके घर-भर के कोने-कोने की ख़बर लेती है अर्थात् उसे साफ़-सफ़ाई से होम से स्वीट होम में बदलती है , वह कौन है?
* जब आप बाथरूम से नहाकर-तैयार होकर आते हैं तो आपकी पसंद के स्वादिष्ट नाश्ते के लिए पुकारने वाली कौन है ?
* ऑफ़िस जाते समय आपका रुमाल, पर्स, टिफ़िन, मोबाइल आदि मुस्कराहट के साथ देते हुए, हाथ हिलाते हुए बाय करने वाली कौन है?
* शाम को जब आप थके-माँदे घर लौटते हैं तो डोरबेल बजाने से पहले ही हँसकर आपका बैग लेते हुए स्वागत करने वाली कौन है?
* इसके बाद चाय और शाम के नाश्ते के साथ आपकी दिनभर की ऑफ़िस की झल्लाहट को अपनी प्यारी-प्यारी गपशप से मुस्कराहट में कौन बदलती है?
* रात को फिर से आपकी पसंद का डिनर तैयार करके प्यार से कौन परोसती है?
बहुत से लोगों के दिमाग़ में आएगा कि इस काम के अलावा दिन में तो ख़ाली ही रहती है, कुछ नहीं करती है, तो मैं आपको बताती हूँ कि ऐसा सोचने वाले बहुत से लोगों को तो अपने घर-बच्चों के बारे में ये सब भी नहीं पता होगा-
* उनका बच्चा कौनसी क्लास में पढता है?
* उनके बच्चों के स्कूल-फ़ंक्शन और पैरेंट्स-मीटिंग कब होती है?
* स्कूल में बच्चे की परफॉरमेंस कैसी है?
इन सब के अलावा भी उनकी पत्नी ससुराल के रिश्तों को निभाती है, पड़ोसी धर्म और सोसाइटी के कार्यक्रमों में
बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती है।
नहीं, नहीं आप गलत समझ रहे हैं, मैं ये सब बातें करके पति-पत्नी के रिश्तों में कोई दरार या फूट नहीं डालना चाहती हूँ। मैं तो बस ये कहना चाहती हूँ कि आपकी पत्नी आपके और आपके परिवार के लिए जो करती है उसको महसूस कीजिए, गंभीरता से लीजिए और उसका सम्मान करना सीखिए।
अंत में कहना चाहूँगी कि - "हे समाज के सम्मानित पुरुषों! ज़ल्दी ही अपनी पत्नी के कार्यों के प्रति गंभीर हो जाएँ, अन्यथा वो जिस दिन गंभीर हो गई और आपकी सोच 'तुम दिन भर घर पर क्या करती हो' को सार्थक कर दिया तो आपको फिर बहुत कुछ करना पड़ सकता है। सोचिएगा ज़रूर।"
सीमा शर्मा


Very interesting seema ma'am
जवाब देंहटाएंधन्यवाद, कृपया अपना नाम भी उजागर करेंगे तो मुझे अधिक प्रसन्नता होगी।🙏
हटाएंसम्बन्धों की मधुरता का एक सुन्दर आयाम।
जवाब देंहटाएंDHANYWAD
हटाएंPati aur patni dono ek hi gaadi k do pahiye h, isliye dono Ko ek dusre ka saath nibhana chahiye tabhi grihsthi ki gaadi sahi chalegi.
जवाब देंहटाएंSAATHI HAATH BADHANA,
हटाएंEK AKELA THAK JAYEGA, MILKAR BOJH UTHANA.
SAATHI HAATH BADHANA
वो माँ
जवाब देंहटाएंवो बहन
वो पत्नी
वो बेटी
हर रूप में एक प्रमुख व शानदार अदाकारा
BAHUT HI SUNDARATA SE STRI KE HAR ROOP KO BAYAN KIYA, BAHUT ACHHA
हटाएंEkdm sateek lekh..... congrats💐
जवाब देंहटाएंTHANKS
हटाएंकोमल है कमजोर नहीं है, शक्ति का नाम ही नारी है।
जवाब देंहटाएंजग को जीवन देने वाली, मौत भी इससे हारी है ॥
नमस्तस्यै त्रिजगतां पालयित्र्यै परात्परे। 🙏 😇
YA DEVI SARVBHUTESHU SHAKTIRUPEN SANSTHITA
हटाएंNAMSTASYAI NAMSTASYAI NAMSTASYAI NAMO NAMAH.