आज विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस है। सर्वप्रथम इस दिन को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2018 में खाद्य एवं कृषि संगठन के साथ मनाने की घोषणा की थी। इसके पश्चात् यह प्रत्येक वर्ष ७ जून को मनाया जाने लगा ।
इस दिवस को मनाने
के पीछे यह उद्देश्य था कि विश्व में लोग खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें।
सम्पूर्ण विश्व में आज भी अनजाने में या अज्ञानतावश बहुत से लोग खराब भोजन करने के
कारण कई जटिल बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं।
खाद्य सुरक्षा
अर्थात् प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित, संतुलित और
पौष्टिक आहार प्राप्त हो सके, यह सुनिश्चित
करना है।
इस दिवस को मनाने
की सार्थकता आज के कोरोना महामारी के संकटग्रस्त समय में अत्यधिक हो गई है। सभी
सरकारों के साथ- साथ अनेक धार्मिक
एवं सामाजिक संस्थाएं और अनेक व्यक्तियों द्वारा भी श्रमिकों, गरीबों एवं भूखों को भोजन दिया जा रहा है, जो एक सराहनीय कदम है।
यह सराहनीय कदम
इस दिवस की थीम 'खाद्य सुरक्षा, सभी का व्यवसाय'
(food safety, everyone’s business) की कसौटी पर खरी उतरती दिखती है। यही थीम वर्ष 2019 में भी रखी गई थी, जो इस वर्ष भी दोहराई जा रही है।
हमारे पूर्वजों
द्वारा एक कहावत भी कही गई है-
'जैसा खाओगे अन्न, वैसा होगा मन'
अर्थात् मनुष्य जैसा भोजन करता है वैसे ही विचार उसके मस्तिष्क में आते हैं, वह वैसा ही सोचता है। मनुष्य अच्छा पौष्टिक आहार ग्रहण करेगा तो उसके मस्तिष्क में भी सुविचार उत्पन्न होंगे, वह अच्छी और सकारात्मक बातें ही सोचेगा।
इसलिए आज एवम्
अभी से ही हमें अपने भोजन की सुरक्षा अर्थात् पौष्टिकता पर ध्यान देने की शुभ
शुरुआत कर देनी चाहिए। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ विराम देना चाहूंगी।
🙏धन्यवाद 🙏
सीमा शर्मा


Very nice....great going
जवाब देंहटाएंBhojan hmare jeevan ka 1 important part h or aise m khadya suraksha to atyant hi mehtvapurn h or Covid-19 ke time m to iski importance or bhi badh jaati h
जवाब देंहटाएंVery informative..... Thanks for posting😊