हम पुस्तक पढ़कर, ज्ञान बढ़ाएँ ।
मिलकर राष्ट्रीय पठन दिवस मनाएँ।
आज १९ जून को २५वाँ राष्ट्रीय पठन दिवस है। दोस्तों! जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि इस दिन पठन के महत्व को दर्शाते हुए पुस्तक पढ़ने की अभिरुचि पर बल दिया गया है।
आधुनिक युग में बच्चे पुस्तकों और पठन अभिरुचि से दूर हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण आज उनके पास समय बिताने, मनोरंजन करने के लिए वीडियो गेम्स, टेलीविज़न, मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि अत्याधुनिक डिजिटल साधनों का होना है।
कोरोना संकट के कारण इस दिवस को भी ऑनलाइन कक्षा की तरह घर पर रहते हुए ऑनलाइन ही मनाना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने अपने सभी स्कूलों को ऑनलाइन ही इसे मनाए जाने के लिए कहा है। राष्ट्रीय पठन दिवस के पश्चात् १९ जून से २५ जून तक राष्ट्रीय पठन सप्ताह और १९ जून से १८ जुलाई तक राष्ट्रीय पठन माह भी मनाया जाएगा।
पर क्या आप जानते हैं कि यह दिवस क्यों मनाया जाता है? आइए आज हम बताते हैं- यह दिवस केरल के स्वर्गीय पी एन पनिकर के सम्मान में मनाया जाता है। वे ‘लाइब्रेरी मूवमेंट अर्थात् पुस्तकालय आंदोलन’ के जनक माने जाते हैं। वे एक शिक्षक थे और उन्होंने वर्ष १९२६ में पनिगर में ही सनातनधर्म नामक पुस्तकालय की स्थापना की थी। १९ जून को उनका देहावसान हुआ था, अतः उनकी पुण्यतिथि को ही प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय पठन दिवस के रूप में मनाया जाता है।
आज सीबीएसई और पी एन पनिकर फाउंडेशन ने विद्यार्थियों के लिए डिजिटल प्लेटफार्म पर ही अनेक कार्यक्रम आयोजित किये हैं। इनमें डिजिटल रीडिंग प्लेज, डिजिटल लाइब्रेरी, वेबिनार, पठन क्रियाविधियाँ, ऑनलाइन एक्टिविटीज एवं अन्य प्रेरक चीजें हैं।
कहते हैं पुस्तक सबसे अच्छी मित्र होती है। हम सब यही बात सुनते हुए बड़े भी हुए हैं। हम लोग बचपन में कहानी, कॉमिक्स, कविता, अखबार आदि कई चीजें पढ़ते थे। आज डिजिटल समय है, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी असंख्य पुस्तकें, अखबार, मैगज़ीन, उपन्यास आदि सामग्री उपलब्ध है। हमें अपनी पठन की आदत बनाए रखनी है, भले ही वह साक्षात् पुस्तक हो अथवा डिजिटल रूप में हो।
पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र, पढ़ो तो मन में खींचें चित्र।
सदा ज्ञान की बात बताती, पढ़कर बनें हम सच्चरित्र।
सीमा शर्मा


Books are a man's best friend
जवाब देंहटाएंVery informative post.....thanks and congrats😊💐
सत्य वचन
जवाब देंहटाएंDhanywad
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