भारत अपना भविष्य, स्वयं गढ़ रहा है।
घर बैठकर सुरक्षित, ऑनलाइन पढ़ रहा है।
ऑनलाइन शिक्षा- जी हाँ दोस्तों! अब भारत भी अपने विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा दे रहा है। एक वर्ष पहले तक सम्पूर्ण भारत में ऑनलाइन शिक्षा एक स्वप्न जैसा था, परन्तु आज यह नाम किसी के लिए भी नया या अनजान नहीं रह गया है। इस कोरोना काल ने ऑनलाइन शिक्षा का मतलब और महत्त्व सभी को सिखा और बता दिया है। कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल आदि पर इंटरनेट द्वारा पढ़ाई ही ऑनलाइन शिक्षा है।
प्राचीन समय में शिष्य गुरुकुल एवं आश्रमों में रहते हुए गुरु और आचार्य से शिक्षा ग्रहण करते थे। धीरे-धीरे समय बदला और आज गुरुकुल और आश्रम परम्परा समाप्त प्राय सी हो गई है। इसके बाद सरकारी स्कूलों में अध्यापक-अध्यापिकाओं द्वारा शिक्षा दी जाने लगी, परन्तु धीरे धीरे सरकारी स्कूलों की शिक्षा का स्तर भी गिरने लगा।
आधुनिक समय में प्राइवेट एवं निजी शिक्षण-संस्थानों का ही बोलबाला है। जिसे देखो वही अपने बच्चों को बड़े से बड़े और महंगे से महंगे प्राइवेट स्कूल में एडमिशन दिलवाना चाहता है। अभी भी वर्ष २०२० जनवरी-फ़रवरी में भारतीय अभिभावक इसी प्रवेश-प्रक्रिया की भाग-दौड़ में व्यस्त थे। अचानक कोरोना संकट आया और कुछ दिनों के लिए सब कुछ जैसे सहम कर थम सा गया , ठहर सा गया। पर कहते हैं ना 'चलती का नाम गाड़ी - रुकी तो खटारा' तो ज़नाब यह भी ज़िन्दगी है, रुकने वाली नहीं।
कोरोना संकट के दौरान ही ऑनलाइन टीचिंग का सुझाव शिक्षा कमेटी एवं सरकार द्वारा सभी विद्यालयों को दिया गया। आज लॉकडाउन के बाद से सभी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। इस दौरान सभी अध्यापक-अध्यापिकाओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने धैर्य के साथ इस नए सिस्टम को सीखा, अपनाया और पसंद भी किया। इस तरह एकबार रुकी हुई शिक्षा की गाड़ी फिर से सरपट दौड़ने लगी।
अब बात आती है परीक्षाओं की। लॉकडाउन होने तक कुछ स्कूल और कॉलेजों में परीक्षाएं चल ही रही थी, जो बीच में ही रह गई थी। शिक्षा मंत्री की पूर्व मीटिंग के अनुसार ये परीक्षाएं जुलाई-अगस्त में करवाई जाएँगी, परन्तु बहुत से अभिभावक भी इसके पक्ष में नहीं हैं और हालात भी अभी इसकी इजाज़त नहीं देते हैं। इसलिए बहुत से बड़े कॉलेजों ने जैसे दिल्ली युनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया एवं अन्य कॉलेजों ने भी अपने ही स्तर पर ऑनलाइन परीक्षा का आदेश दे दिया है। वे विद्यार्थियों को कॉलेज में बुलाकर परीक्षा दिलवाने के पक्ष में नहीं हैं, इसलिए विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा का निर्णय लिया है।
सभी स्कूलों और कॉलेजों में नई कक्षा की पढ़ाई भी ऑनलाइन ही करवाई जा रही है। जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे ये ऑनलाइन ही चलती रहेगी। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या एवं गरीब अभिभावकों के पास मोबाइल, कंप्यूटर व इंटरनेट की समस्या को देखते हुए सरकार ने भी कुछ ऐसे प्लेटफार्म बनाए हैं, जहां सारी अध्ययन सामग्री आसानी से और निःशुल्क उपलब्ध है।
ये प्लेटफार्म निम्नलिखित हैं-
स्कूली शिक्षा के
लिए- १. DIKSHA २. e-PATHSHALA
३. NROER
इन पर सीबीएसई और एनसीईरटी की कक्षा-एक से लेकर कक्षा-बारहवीं तक की सभी विषयों की अध्ययन सामग्री लिखित, ऑडियो एवं वीडियो रूप में निःशुल्क उपलब्ध है।
उच्च शिक्षा के
लिए- १. SWAYAM २. SWAYAM
PRABHA
यहाँ उच्च शिक्षा के लिए सभी विषयों एवं सभी कोर्सों के लिए निःशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।
इसके अलावा भी प्राइवेट चैनल, वेबसाइट, एप पर भी आपको शिक्षण सामग्री से सम्बंधित लेख, ऑडियो, वीडियो आदि मिल जाते हैं। यू-ट्यूब और गूगल से भी आप जो चाहें जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अतः आज हम कह सकते हैं कि-
अपने बच्चों की करो, कोरोना से सुरक्षा।
घर बैठे अपनाएँ , ऑनलाइन शिक्षा।
सीमा शर्मा


A big salute to the teachers who are working day and night and helping the students to learn in this pandemic time. Thank u teachers😊
जवाब देंहटाएंGURU GOVIND DOU KHADE, KAKE LAAGU PAI.
हटाएंBALIHARI GURU AAPKE, GOVIND DIYO BATAY.
बहुत ही सारगर्भित लेख है जो आज के समय में हमें डिजिटलाइजेशन के महत्व को अपनाने का आग्रह कर रहा है और यह समय अनुकूल ही है जब प्राचीन काल में श्रुति अर्थात सुनकर ही पढ़ाई होती थी तदुपरांत भोज पत्रों शिलालेखों के माध्यम से शिक्षा का संग्रह एवं उनके ग्रंथों पुस्तकों के माध्यम से और आज संपूर्ण विश्व में कोविड-19 की वजह से ही सही कुछ समय पहले जो डिजिटल भारत की शुरुआत की गई थी वह अब कारगर साबित होती जा रही है और जिन्होंने सरकार के द्वारा इस सुझाव को मान लिया एवं उस को जानने का प्रयास करने लगे तो वह आज बड़ी सुगमता से इस क्षेत्र में आगे बढ़ पा रहे हैं और जो पीछे रह गए थे उनको भी अब इसको जानना सीखना अति आवश्यक हो गया है जीवन चर्या की समस्त शिक्षाओं का समस्त जानकारियों का आदान-प्रदान आज घर बैठे सुरक्षा के साथ यदि संभव हो पा रहा है तो वह ऑनलाइन शिक्षा ही है यह इसका स्वागत करते हुए इससे सभी अपना उत्थान करने में सहयोग ले सकें ऐसी आशा के साथ लेखकर्त्री को पुनः हार्दिक अभिनन्दन। वन्देमातरम्
जवाब देंहटाएंJIVAN ME HAR PAL KUCHH NAYA SIKHTE RAHNA CHAHIYE.
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