खेती के लिए आओ, जैविक तौर-तरीके अपनाएँ।
फल-सब्ज़ी ताज़ा खाने हों तो, अपने घर पर
इन्हें उगाएँ।
भारत की बेतहाशा बढ़ती
जनसंख्या के लिए खाद्यान्न,
फल और सब्ज़ियों की
आपूर्ति एक बहुत बड़ी चुनौती है। जनसंख्या-वृद्धि
के कारण दिनोंदिन कृषि योग्य भूमि कम होती जा रही है। खेतों के स्थान पर बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी दिखाई देती हैं।
अब बढ़ती जनसंख्या की फल, सब्ज़ी और
खाद्यान्न की माँग को पूरा करने के लिए फसलों पर अनेक
ज़हरीले और हानिकारक रसायनों का प्रयोग होने लगा है। इन रसायनों के प्रयोग से फसल
रातों-रात पकती है, और उपज भी ज़्यादा
मात्रा में होती है। परन्तु हानिकारक
रसायनों के छिड़काव से यह उपज अपनी गुणवत्ता खो देती है, और इसे खाकर मनुष्य अनेक बीमारियों से ग्रसित
हो जाता है।
कहीं-कहीं तो इन
फल-सब्ज़ियों को उगाने के लिए गंदे नाले का पानी सिंचाई के काम में लिया जाता है। कहीं-कहीं पर बदबूदार पानी से इन्हे धोकर बेचा जाता है। इससे ये बहुत ही ख़तरनाक हो जाते हैं, और इनका स्वाद भी बिगड़ जाता है। खाना बनाते समय
इनको पकने में भी ज्यादा समय लगता है।
इन सब समस्याओं के बीच
में हमने कई बार ऑर्गेनिक फार्मिंग या जैविक खेती का नाम इसके हल के रूप में सुना है। जैविक खेती में
हानिकारक या ज़हरीले रसायनों का प्रयोग नहीं होता है। जैविक खाद गोबर, केंचुए, सूखे पत्ते, फल-सब्जियों के
छिलके आदि से जो खाद तैयार होती है, उसे कहा जाता है। इसी तैयार जैविक खाद को फसलों में डाला
जाता है। यह जैविक खाद हम
घर पर भी तैयार कर सकते है और बाजार से भी खरीद सकते हैं।
हम अपने घर के आगे ही यदि
थोड़ी खाली जगह हो तो वहाँ पर भी सब्ज़ी और फल उगा सकते हैं। अपने घर की छत पर भी हम इन्हें उगा सकते हैं। शहरों में जहाँ घर
कम और फ्लैट्स में ही ज़्यादातर लोग रहते
हैं, वे भी अपनी
बालकनी आदि में गमलों में बहुत सी सब्ज़ियाँ उगा सकते हैं। इसके लिए हम इंटरनेट, यू-ट्यूब व कृषि से सम्बंधित किसी जानकार की भी मदद ले सकते
हैं।
इससे हमें अपने ही घर पर
ताज़ा और जैविक सब्ज़ियाँ खाने को मिल सकती हैं। अपने घर के आगे की खाली जगह में इन्हें उगाकर, मैंने ये सब स्वयं अनुभव किया है।
आप भी एकबार इनका अनुभव
करके देखिए, फिर आप इनके बिना
रह नहीं पाएंगे। तो आज से ही शुरू
कर दीजिए, अपने घर पर अपनी जैविक सब्ज़ी और फल उगाने की
तैयारी।
सीमा शर्मा


बहुत बढ़िया
जवाब देंहटाएंधन्यवाद 🙏
हटाएंबिलकुल सही, समय की मांग भी यही है।
जवाब देंहटाएंDHANYWAD
हटाएंएक कदम�� पुनः सशक्त एवं समृद्ध प्राकृतिक कृषि���� की ओर अग्रसर
जवाब देंहटाएंDHANYWAD
हटाएंशानदार प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंDHANYWAD
हटाएंRight Mamiji
जवाब देंहटाएंDHANYWAD
हटाएंAaj ke sandarbh m ekdm uchit h.....jaivik kheti hi uttam upay h👍
जवाब देंहटाएंDHANYWAD
हटाएं